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झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मनाया 46वां झारखंड दिवस, 50 सूत्री प्रस्ताव पारित

दुमका, झारखंड: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने रविवार को दुमका के गांधी मैदान में अपना 46वां झारखंड दिवस धूमधाम से मनाया। इस विशेष अवसर पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के दौरान झामुमो ने 50 सूत्री प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राज्य के विभिन्न मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई। खासकर, राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी), समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को झारखंड में लागू न करने की जोरदार मांग की गई।

📝 50 सूत्री प्रस्ताव में प्रमुख मांगें:

  1. संताल परगना काश्तकारी अधिनियम और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए।
  2. दुमका में बिहार राज्य पुनर्गठन विधेयक 2000 की धारा 25(3) के तहत उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित की जाए।
  3. सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू) के सभी शिक्षकेतर कर्मचारियों को सातवां वेतनमान दिया जाए।
  4. झारखंड क्षेत्र में वित्तरहित शिक्षा नीति को समाप्त किया जाए।
  5. दुमका में शीघ्र कृषि विश्वविद्यालय और खेल परिसर स्थापित किए जाएं।

🏛️ दुमका को पूर्ण उपराजधानी का दर्जा देने की मांग:

झामुमो के 50 सूत्री प्रस्तावों में प्रमुख रूप से दुमका को पूर्ण उपराजधानी का दर्जा देने की मांग उठाई गई। इसके अलावा, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय को प्रभावी तरीके से संचालित करने, ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना और विस्थापन एवं पुनर्वास नीति को स्पष्ट करने की मांग की गई। विस्थापितों को नौकरियों में प्राथमिकता देने और उनके पुनर्वास के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

📜 सरकार को सौंपा जाएगा मांग पत्र:

झामुमो के जिलाध्यक्ष शिव कुमार बास्की ने मंच से जनसमस्याओं और बुनियादी मांगों को पढ़कर सुनाया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने समर्थन दिया। सभी 50 सूत्री प्रस्तावों को एक स्मार-पत्र के रूप में प्रमंडलीय आयुक्त के माध्यम से सरकार को भेजने की योजना बनाई गई, ताकि इन मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सके।

🌟 झारखंड के अधिकारों की रक्षा का संकल्प:

झारखंड दिवस समारोह के दौरान झामुमो नेताओं ने संकल्प लिया कि वे राज्य की मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने और झारखंड के अधिकारों की रक्षा करने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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