रांची: ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह के निर्देश पर अबुआ आवास योजना के तहत लाभुकों को समय पर किस्त प्रदान करने के लिए बेनेफिशियरी लेवल जियो टैग ऐप तैयार किया गया है। इस ऐप के जरिए लाभुक खुद अपने निर्माणाधीन आवास का जियो टैग कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और भुगतान में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
किस्तों के भुगतान में पारदर्शिता लाने की पहल
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, अबुआ आवास योजना के तहत स्वीकृत लाभुकों को 2 लाख रुपये की सहयोग राशि चार किस्तों में दी जाती है। विभाग इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जियो टैगिंग सिस्टम लागू कर रहा है। ग्रामीण विकास सचिव के श्रीनिवासन ने सभी उपायुक्त और उपविकास आयुक्तों को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे कर सकते हैं ऐप डाउनलोड
मनरेगा आयुक्त सह प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नोडल पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने भी सभी जिलों को पत्र जारी कर लाभुकों को जल्द से जल्द यह ऐप उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
ऐप डाउनलोड करने की प्रक्रिया:
✅ गूगल प्ले स्टोर या अबुआ आवास योजना पोर्टल से डाउनलोड करें।
✅ इंस्टॉल करने के बाद ओटीपी वेरिफिकेशन के जरिए लॉगिन करें।
✅ जियो टैगिंग के लिए लाभुकों को अपना मोबाइल नंबर प्रखंड लॉगिन में अपडेट करना होगा।
भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक
इस नए डिजिटल सिस्टम से कर्मचारियों की मनमानी और रिश्वतखोरी की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। क्योंकि अब लाभुक खुद ही अपने निर्माणाधीन घर का जियो टैगिंग कर सकेंगे, जिससे भुगतान में देरी और किसी भी तरह की अनियमितताओं से बचा जा सकेगा।