झारखंड एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) को राज्य के विभिन्न जिलों में अलकायदा से जुड़े 16 संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, ये संदिग्ध रांची (चान्हो, मांडर) और लोहरदगा (कुडू) सहित अन्य इलाकों में सक्रिय थे। वे स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे, जिनका उद्देश्य तत्काल कोई आतंकी हमला करना नहीं था, बल्कि भविष्य में अलकायदा मॉड्यूल को मजबूत करने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता था।
एटीएस का ऑपरेशन और जांच
झारखंड एटीएस ने इन संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है और उनकी भूमिका व संलिप्तता के प्रमाण जुटाए जा रहे हैं।
मुख्य बातें:
- संदिग्ध विभिन्न पेशों से जुड़े हुए हैं, जिनमें कुछ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी शामिल हैं।
- इनमें से कुछ लोगों के झारखंड से बाहर जाने की भी सूचना मिली है।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा की गई छापेमारी में लोहरदगा से गिरफ्तार आतंकियों से इन 16 संदिग्धों का सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध पाया गया है।
- एटीएस यह भी जांच कर रही है कि क्या ये संदिग्ध विदेशी आतंकी संगठनों के संपर्क में थे।
जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।